भारतीय बाजार नियामक सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने हाल ही में एक बहुत ही महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सेबी अब एक ऐसा आधुनिक टूल विकसित कर रहा है जो एआई पर आधारित होगा। इस टूल का मुख्य उद्देश्य बाजार से जुड़ी संस्थाओं की साइबर सुरक्षा की जांच करना है। आज के डिजिटल युग में जहां सारा काम ऑनलाइन हो रहा है, वहां साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इसी खतरे को भांपते हुए सेबी ने यह कदम उठाया है ताकि निवेशकों का पैसा और उनका डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
यह नया एआई टूल उन सभी कंपनियों और संस्थाओं की चारीकी से जांच करेगा जो सेबी के दायरे में आती हैं। यह एआई टूल मुख्य रूप से साइबर ऑडिट रिपोर्ट का विश्लेषण करने का काम करेगा, जब कंपनियां अपनी सुरक्षा रिपोर्ट जमा करेंगी, तो यह टूल उसमें मौजूद कमियों या ‘कंट्रोल गैप्स’ की पहचान करेगा।
यह न केवल गलतियों को पकड़ेगा, बल्कि कंपनियों को उनके जोखिम के स्तर के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में भी बांटेगा। इससे सेबी को यह समझने में आसानी होगी कि किस संस्था को सुरक्षा के लिहाज से अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
तुहिन कांत पांडेय ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तकनीक के आने से निरीक्षण की प्रक्रिया और भी मजबूत हो जाएगी और जोखिमों को समय रहते पहचाना जा सकेगा।
लॉन्ग टर्म विजन
सेबी केवल वर्तमान की समस्याओं की ही हल नहीं कर रहा है। बल्कि वह भविष्य की भी तैयारी कर रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि सेबी एक वकिंग ग्रुप बना रहा है जो मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस के लिए एक टेक्नोलॉजी रोडमैप तैयार करेगा, यह योजना दो भागों में होगी। अगले 5 वर्षों के लिए एक छोटी अवधि की रणनीति और अगले 10 वर्षों के लिए एक लंबी अवधि का विजन, उन्होंने शेयर बाजारों और अन्य संस्थानों को सलाह दी कि वे लगातार नई तकनीक और साइबर सुरक्षा में निवेश करते रहे ताकि बाजार की साख बनी रहे।