इस समय भारत का घरेलू एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी जबरदस्त सुर्खियों में है। वजह सिर्फ़ यह नहीं कि इसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े नाम खेल रहे हैं, बल्कि इसलिए भी कि युवा और कम चर्चित खिलाड़ी ऐसे रिकॉर्ड बना रहे हैं, जिन्होंने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है।
जहां एक ओर अनुभवी सितारे अपने बल्ले से क्लास दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नए खिलाड़ी अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी से भविष्य की झलक पेश कर रहे हैं। इसी कारण इस टूर्नामेंट की तुलना किसी अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ से की जा रही है।
करीब 15 साल बाद घरेलू क्रिकेट में विराट की धमाकेदार वापसी
दिल्ली की ओर से खेलते हुए विराट कोहली ने लंबे अंतराल के बाद विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में कदम रखा और आते ही सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आंध्र प्रदेश के खिलाफ 300 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट ने 101 गेंदों पर 131 रन की शानदार पारी खेली और टीम को चार विकेट से जीत दिलाई।
इस पारी के साथ विराट कोहली ने लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज़ 16 हज़ार रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने यह मुकाम 330 पारियों में हासिल किया, जबकि इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने 391 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।
रोहित शर्मा का अनुभव बोला, उम्र के बावजूद रचा इतिहास
मुंबई की तरफ़ से खेलने उतरे रोहित शर्मा ने भी अपनी वापसी को यादगार बना दिया। सिक्किम के खिलाफ मुकाबले में रोहित ने 94 गेंदों पर 155 रन ठोक दिए और मुंबई ने यह मैच आठ विकेट से जीत लिया।
इस पारी के साथ रोहित शर्मा ने लिस्ट-ए क्रिकेट में 150 से अधिक रन बनाने के मामले में डेविड वॉर्नर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। साथ ही, वह इस टूर्नामेंट में शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ियों में से एक बन गए।
युवाओं ने छीनी महफ़िल: वैभव सूर्यवंशी और साकिबुल ग़नी
हालांकि असली सनसनी बिहार और अरुणाचल प्रदेश के मुकाबले में देखने को मिली। बिहार ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 575 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और मुकाबला 397 रनों से अपने नाम किया।
इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 84 गेंदों में 190 रन की विस्फोटक पारी खेली। वहीं साकिबुल ग़नी ने सिर्फ़ 40 गेंदों में नाबाद 128 रन बनाकर इतिहास रच दिया। उन्होंने महज़ 32 गेंदों में शतक पूरा किया, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ द्वारा लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज़ सेंचुरी है।
इतना ही नहीं, वैभव सूर्यवंशी ने 59 गेंदों में 150 रन बनाकर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड भी कायम किया, जिससे उन्होंने एबी डिविलियर्स का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
यही वजह है कि सबकी निगाहें विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी पर
एक ही टूर्नामेंट में जहां विराट और रोहित जैसे दिग्गज रिकॉर्ड तोड़ रहे हों और वहीं युवा खिलाड़ी असंभव लगने वाले कारनामे कर रहे हों, तो चर्चा होना लाज़मी है। विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी इस समय सिर्फ़ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के वर्तमान और भविष्य का आईना बन चुकी है।